Rajkumar Roat Biography In Hindi : राजनीति / नेता राजकुमार रोत के भारत आदिवासी पार्टी के राजनीतिज्ञ नाम से जाने वाले राजकुमार रोत संबंधित जीवन परिचय के बारे में विस्तार से जानेंगे। इन्होंने विधानसभा चुनाव 2018 चोरासी विधानसभा से चुनाव लड़ा था और जीते भी। आज के इस लेख में हम आपको राजकुमार रोत के संपूर्ण जीवन परिचय के बारे में बताएंगे ।
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राजकुमार रोत के प्रारंभिक जीवन के बारे में
राजकुमार रोत का जन्म 26 जून 1992 में खाखर खुणया गांव के डूंगरपुर जिले में हुआ था। राजकुमार रोत के पिता का नाम शंकर लाल रोत था और माता का नाम पार्वती रोत है। राजकुमार रोत एक आदिवासी नेता एवं चौरासी सांसद राजकुमार रोत के रूप में जाने जाते थे। (Rajkumar Roat Biography In Hindi) सांसद राजकुमार रोत आदिवासी समुदाय से आते है ।
राजकुमार रोत के शिक्षा के बारे में
सांसद राजकुमार रोत की शिक्षा डूंगरपुर कॉलेज से B.A. B. ED. किया है। सांसद रोत डूंगरपुर कॉलेज के छात्र संगठन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। भीलप्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (BPVM) यह संगठन का नाम था। सांसद राजकुमार रोत का सपना एक शिक्षक बनने का था। उन्होने पुलिस इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा भी दी थी,
राजकुमार रोत के योगदान के बारे में
- 2018 में राजस्थान विधानसभा चुनाव सबसे युवा विधायक के रूप में चुने गए।
- 2018 में बिटीपी पार्टी से चोरासी विधानसभा से चुनाव लड़ा था और जीते
- 2023 के विधानसभा चुनाव मे राजकुमार भारत आदिवासी पार्टी से चुनावलड़ा था और जीते.
- 2024 18वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित, 2024 सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण समिति के सदस्य
- आदिवासी समुदाय से आते है।
- गरीब परिवार से आते है ।
देश में केंद्र सरकार से एससी-एसटी पर बढ़ते अत्याचार पर सांसद राजकुमार रोत ने सदन में पूछा सवाल,
शैलेश पावरा प्रतिनिधी डूंगरपुर। संसद में बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत ने एससी-एसटी पर बढ़ते अत्याचारों का मुद्दा उठाया। सरकार ने जो जवाब दिया, उससे एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। देश में दलित और आदिवासी समुदाय पर अत्याचार के मामले हर साल बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें रोकने में नाकामयाब रही है।
सरकारी आंकड़ों में साफ दिखा कि पिछले पाँच सालों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में हजारों मामले दर्ज हुए और हर साल इनकी संख्या बढ़ती ही गई। इसका मतलब यह है कि हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ रहे हैं। जवाब में यह भी सामने आया कि कई मामलों को झूठी रिपोर्ट बताकर बन्द कर दिया गया, लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया कि यह कैसे तय होता है और क्या पीड़ित की बात भी सुनी जाती है।
सांसद राजकुमार रोत ने सदन में बढा मुद्दा पुछा – आखिर जिम्मेदारी किसकी ?
मंत्रालय के जवाब में एक ओर बड़ी कमी यह सामने आई कि सरकार के पास इस कानून के तहत कार्यवाही के लिए कोई साफ नियम या दस्तावेज नही है। यानी राज्यों के पास अपनी मर्जी से काम करने की पूरी छूट है। ऐसे में एससी-एसटी पीड़ितों को सही न्याय मिलना ओर भी मुश्किल हो जाता है। सांसद रोत ने कहा कि कुल मिलाकर सरकार के जवाब से साफ हो गया कि एससी-एसटी पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं और पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। अब सवाल भी है कि आखिर सरकार कब ठोस कदम उठाएगी।
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निष्कर्ष
आशा है कि आपको आदिवासी राजनीति / नेता राजकुमार रोत का जीवन परिचय के बारे में पढ़कर आनंद आया होगा, लेकिन यदि अगर आपको ऐसा लगता है कोई अन्य जानकारी जोड़ी जानी है, तो कृपया हमें हमारे सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी दें। हम इसे जरूर ठीक करेंगे. सांसद राजकुमार रोत के जीवन बारे में यह जानकारी अपने दोस्तों के साथ साझा करें। ( Rajkumar Roat Biography In Hindi)
FAQ
राजकुमार रोत कौन हैं?
राजस्थान के सबसे युवा सांसद के रूप मे माने जाने वाले राजकुमार रोत हैं.
राजकुमार रोत के पिता का नाम क्या है?
राजकुमार रोत के पिता का नाम शंकर लाल रोत है
राजकुमार रोत की शादी किसके साथ हुई और कैसे हुई?
राजकुमार रोत की शादी Geeta Kharadi के साथ हुई और जयपुर, 26 अप्रैल मे हुवा.
राजकुमार रोत कहाँ के रहने वाले थे?
राजकुमार रोत खाखर खुणया गांव के डूंगरपुर जिले के रहने वाले है
राजकुमार रोत किस जाति के हैं?
सांसद राजकुमार रोत आदिवासी समुदाय से आते है ।